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तस्वीर और कविताएँ

लड़का लिखता था... लड़की तस्वीरें बनाती थी... दोनों के सपने उन तस्वीरों में रंग भरा करते थे... तस्वीरों में कविताएँ उकेरी होती, तो कहानियों में रंग भरे होते... तितलियाँ उड़ती तो उन संग उनको बुलाती उनके पीछे भागती लड़की का गीत लिखा जाता, चिड़ीयों की तस्वीर बनती तो उनकी कूक पर कविताएँ लिखी जाती... आसमान जब जब रंग बदलता उसे एक खत लिखा जाता... सितारे उकेरे जाते तो उनके टूटने पे कविताएँ होती... जब बरसात होती तो खिड़की पे आवाज करती बारिश की बूँदों जैसी कविताएँ लड़के की डायरी में मिलती... कई बार ऐसा होता लड़की लड़के की तस्वीर बनाती... तो लड़का लड़की पे कविताएँ लिखा करता... लड़का प्रेम पे कविताएँ लिखता तो लड़की दोनों की तस्वीर बना दिया करती... तस्वीर बनते गए, कविताएँ लिखी जाती रही... प्रेम की जड़ गहरी होती रही... जब उस की तस्वीर बनाया करता था कमरा रंगों से भर जाया करता था। पेड़ मुझे हसरत से देखा करते थे मैं जंगल में पानी लाया करता था। थक जाता था बादल साया करते करते और फिर मैं बादल पे साया करता था। ~हाफ़ी💙 कविताएँ रह गई, तस्वीर रह गये!

तुम्हारे लिए...♡

आसमान के सर्द कोनों में एक सितारा जाने कितनी सदियों से अकेलेपन को समेटे इर्द गिर्द के खालीपन को पाटता हुआ घूमता जा रहा था। अकेलापन कितना भारी होता है, और सर्द भी! उस सुनेपन में एक साथी की तलाश जैसे सदियों से उसके आसमान के खालीपन से भी खाली आंखों में दिखती।  इसी सुनेपन में कभी एक सितारा जैसे उसकी चमक को दोहराता हुआ करीब आया...  "नीला... हरा... लाल..." रंग जैसे अच्छे से लगने लगे थे उसे और अब खालीपन को भरा जाना भी! सदियों से सुख रही हाथ की लकीरें जैसे फ़िर उगने लगी, किस्से लिखे जाने थे। सितारों का साथ... सदियाँ बीती, साथ गहराता गया। मगर जितनी सदियाँ उस सितारे ने देखी थी, ये वक्त बस पलक झपकते निकल गया। खैर साथ लत जैसा होता है, और लत बुरी... धरती के किसी कोने एक प्रेमी मांग रहा था अपनी प्रेमिका का साथ और सितारे की नई बनी दोस्त ने कुर्बानी दी। आसमान में एक सितारा टूटा, प्रेमी की मांग मान ली गई। सितारा बिलख के रो पड़ा। टूटे सितारे की गर्द से आवाज आई, "प्रेम सिर्फ साथ होने का नाम नहीं है, प्रेम दो लोगों को साथ करने का नाम भी है!" सितारे ने प्रेमिका की खिड़की का रुख किया। वो अप...